आज के समय में जब सरकारी नौकरी की तैयारी का मतलब लाखों की फीस और बड़े-बड़े शहरों के कोचिंग सेंटर्स बन चुके हैं, तब उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के एक छोटे से गाँव से एक ऐसी कहानी सामने आई है जो हर छात्र के बहानों को तोड़ कर रख देगी।
मात्र 21 साल की उम्र में सूर्य तिवारी ने बिना किसी ऑफलाइन कोचिंग और बिना कोई महंगा पेड कोर्स खरीदे, घर पर रहकर SSC CGL क्रैक किया और सीधे ASO (Assistant Section Officer) की ड्रीम पोस्ट हासिल की। इतना ही नहीं, सूर्य ने एनडीए, सीडीएस, सीएचएसएल, सीपीओ और आरओ जैसे एक-दो नहीं बल्कि 10 से ज्यादा एग्जाम्स बैक-टू-बैक क्लियर किए हैं।
अगर आपके मन में भी यह सवाल है कि बिना पैसों और बिना कोचिंग के SSC CGL clear kaise kare, तो यह आर्टिकल आपके लिए एक अल्टीमेट रोडमैप साबित होने वाला है।
“अगर आज कोई यह कह रहा है कि मैं गरीब हूँ इसलिए नहीं पढ़ पा रहा हूँ, तो उससे ज्यादा मक्कार और झूठा इंसान कोई नहीं है। आज इंटरनेट पर इतना फ्री मटेरियल है कि आप घर बैठे कोई भी एग्जाम क्रैक कर सकते हो।” — सूर्य तिवारी (ASO)
सूर्य तिवारी: एक नजर में (Topper Profile)
| विवरण | जानकारी |
| नाम | सूर्य तिवारी |
| उम्र | 21 वर्ष |
| निवासी | फतेहपुर, उत्तर प्रदेश |
| एग्जाम्स क्रैक किए | SSC CGL, CHSL, CPO, NDA (2 बार), CDS, CSIR, RO, Selection Post, PET (99.97%ile) |
| CGL पोस्ट | Assistant Section Officer (ASO) |
| तैयारी का माध्यम | 100% Self Study (YouTube और Telegram जुगाड़) |
4 पिलर्स: सब्जेक्ट-वाइज बेस्ट टीचर्स और सोर्सेज
सूर्य ने किसी एक प्लेटफॉर्म का कोई फुल पेड कोर्स नहीं लिया। उन्होंने YouTube पर अलग-अलग टीचर्स से ट्यूनिंग मैच की और अपना सिलेबस पूरा किया। अगर आप सोच रहे हैं कि सेल्फ स्टडी से SSC CGL clear kaise kare, तो आपको इन टीचर्स और रिसोर्सेज को जरूर फॉलो करना चाहिए:
1. मैथ्स (Mathematics)
- मुख्य टीचर: गगन प्रताप सर (Gagan Pratap Sir) से पूरा बेसिक्स और एडवांस लेवल कवर किया क्योंकि उनकी स्पीड और ट्यूनिंग सूर्य से मैच करती थी।
- रिवीजन: कोर्स पूरा होने के बाद रिवीजन के लिए YouTube पर भूतेश सर (Bhutesh Sir) की वन-शॉट वीडियोज का भरपूर इस्तेमाल किया।
2. इंग्लिश (English)
- ग्रामर और वोकैब: डिफेंस बैकग्राउंड होने के कारण शुरुआती तैयारी संजीव ठाकुर सर (Sanjeev Thakur Sir) से की। वोकैब के लिए ब्लैक बुक (Black Book) को डेली सुबह उठकर रटा।
- नया पैटर्न: जब एग्जाम पैटर्न बदला और नए टाइप के एक्टिव-पैसिव, डायरेक्ट-इनडायरेक्ट आए, तब अमन वशिष्ठ सर (Aman Vashisth Sir) की क्लासेस से मदद ली।
3. रीजनिंग (Reasoning)
- मुख्य टीचर: रीजनिंग के लिए सूर्य ने ब्लाइंडली पीयूष सर (Piyush Sir – Careerwill) को फॉलो किया और सारे कॉन्सेप्ट्स क्लियर किए।
4. जनरल स्टडीज (General Studies)
- मुख्य टीचर: परमार सर (Parmar Sir) से पूरी जीएस पढ़ी। सूर्य का मानना है कि परमार सर के कंटेंट में दम है और उससे बड़े लेवल के एग्जाम्स भी आसानी से निकल सकते हैं।
सूर्य की अनोखी GS स्ट्रेटजी: ऑडियो रिकॉर्डिंग ट्रिक
जीएस (GS) एक ऐसा सब्जेक्ट है जो अक्सर छात्रों का सिरदर्द बना रहता है। लेकिन सूर्य तिवारी ने इसके लिए एक ऐसी अनोखी स्ट्रेटजी अपनाई जो शायद ही किसी ने की होगी।
कैसे की जीएस मुट्ठी में?
- जब सूर्य किसी सब्जेक्ट (जैसे हिस्ट्री या पॉलिटी) को पूरा पढ़ लेते थे, तो उसके बाद पीवाईक्यू (PYQs) लगाते थे।
- इसके बाद, वो अपने फोन का Voice Recorder ऑन करते थे और उस पूरे सब्जेक्ट को अपनी सरल भाषा में, उदाहरण दे-देकर रिकॉर्ड कर लेते थे।
- इसका फायदा: जहाँ एक नॉर्मल छात्र को पूरी हिस्ट्री रिवाइज करने में 5-6 घंटे लगते हैं, वहीं सूर्य अपनी खुद की रिकॉर्डिंग को 2X स्पीड पर लगाकर मात्र 1.5 से 2 घंटे में पूरी हिस्ट्री सुन लेते थे।
- लाइब्रेरी जाते वक्त, सफर करते वक्त या कोई काम करते वक्त वो कान में ईयरफोन लगाकर अपनी ही आवाज में नोट्स सुनते थे, जिससे चीजें उनके दिमाग में छप गईं।
टॉपर टिप: एग्जाम के आखिरी 30 दिनों में सूर्य नया कुछ नहीं पढ़ते थे। वो सुबह 2.5 घंटे और शाम को 2.5 घंटे सिर्फ अपनी ही रिकॉर्ड की हुई ऑडियो सुनते थे। इससे उनका पूरा जीएस रट गया था।
घर पर रहकर तैयारी और कंसिस्टेंसी का मंत्र
अक्सर बच्चे सोचते हैं कि बिना प्रयागराज, पटना या मुखर्जी नगर जाए सिलेक्शन नहीं हो सकता। सूर्य के पिता एक किसान हैं और उनका एक बड़ा संयुक्त परिवार (Joint Family) है। घर में रहते हुए काम के बीच उन्होंने कैसे मैनेज किया?
- घंटों के पीछे मत भागो: सूर्य कहते हैं कि जरूरी नहीं कि आप रोज 14-15 घंटे पढ़ें। अगर आप 6 से 7 घंटे जेन्युइनली और डेली पढ़ते हैं, तो डेढ़ साल में कमजोर से कमजोर बच्चा भी आसानी से एसएससी क्रैक कर सकता है।
- एक्सट्रीम प्लान मत बनाओ: ऐसा टाइम टेबल कभी मत बनाओ जो इतना कठिन हो कि पूरा ही न हो पाए। हमेशा छोटे और अचीवेबल टारगेट्स रखो।
- कंसिस्टेंसी (Consistency) ही राजा है: ऐसा नहीं होना चाहिए कि आप हफ्ते में 3 दिन बिल्कुल न पढ़ें और 4 दिन खूब पढ़ें। मूड न हो तो थोड़ा कम पढ़ें, लेकिन पढ़ाई से टच कभी न छोड़ें।
डिस्ट्रैक्शन से कैसे बचें?
सोशल मीडिया, रील्स और रिलेशनशिप्स के इस दौर में भटकाव आना लाजिमी है। सूर्य इस पर एक बहुत ही प्रैक्टिकल और मोटिवेशनल बात कहते हैं:
“अगर श्रद्धा चाहिए तो मनोज तो बनना ही पड़ेगा, और अगर आरती शुक्ला भी चाहिए तो ठुकरा के मेरा प्यार वाला ‘सत्तू’ बनना ही पड़ेगा। चाहे किसी को पाना हो या साथ निभाना हो, दोनों ही केस में सक्सेसफुल होना जरूरी है। अपने डिस्ट्रैक्शन को ही अपना सबसे बड़ा मोटिवेशन बना लो!”
अगर आपको गेम खेलना या सोशल मीडिया चलाना पसंद है, तो खुद को रिवॉर्ड दो। एक नियम बनाओ कि “जब मैं आज के कोटे के 4 घंटे की पढ़ाई या इतने क्वेश्चंस पूरे कर लूंगा, तभी मैं 20 मिनट गेम खेलूंगा।”
कंक्लूजन और मोटिवेशनल क्लोजिंग नोट
दोस्तों, सूर्य तिवारी की कहानी हमें सिखाती है कि साधन कम होने से या बड़े शहर न जा पाने से आपके सपने कभी छोटे नहीं होते। अगर आपके पास एक स्मार्टफोन है, इंटरनेट कनेक्शन है और आपके अंदर कुछ कर गुजरने की शिद्दत है, तो आप इतिहास रच सकते हैं। पिछले साल सूर्य का सिलेक्शन कुछ नंबरों से रुक गया था और इस साल उनके पास जॉइनिंग लेटर्स की भरमार है। इसलिए खुद पर और ईश्वर पर भरोसा रखें, आपकी मेहनत कभी बेकार नहीं जाएगी।
अब सोचना बंद कीजिए और आज ही से अपनी स्ट्रेटजी बनाइए कि आपको SSC CGL clear kaise kare वाले रास्ते पर कैसे आगे बढ़ना है।
💬 अब आपकी बारी!
आपको सूर्य तिवारी की यह ‘ऑडियो रिकॉर्डिंग’ वाली जीएस स्ट्रेटजी कैसी लगी? क्या आप भी घर से रहकर ही एसएससी की तैयारी कर रहे हैं? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं और इस आर्टिकल को अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करें जो महंगी कोचिंग फीस न दे पाने के कारण उदास बैठे हैं। Keep Studying, Keep Rocking!